रियलिटी शोज् की रियलिटी
इन दिनों इडियट बॉक्स अब इडियट नहीं रह गया है बल्कि अपनी बेहूदा तस्वीरों और टीआरपी के नाम पर अश्लीलता परोसकर दर्शकों को लगातार इडियट बना रहा है... हालांकि जब इस इडियट बॉक्स का अविष्कार हुआ था उस वक्त किसी ने भी नहीं सोचा था कि ये कैसे लोगों की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन जाएगा... और लोग चाहकर भी इसके प्रभाव से अपने को दूर नहीं कर सकेंगे... हालांकि भारतीय टेलीविज़न के इतिहास में दूरदर्शन पर जब धार्मिक सीरियल्स की शुरुआत हुई तो जनता को लगा कि जैसे भगवान खुद धरती पर उतर आए हैं और लोग रामायण को देखते वक्त हाथ जोड़कर पूरा सीरियल एक सांस में देख जाते थे... इसके बाद भी काफी समय तक धार्मिक सीरियल्स ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा लेकिन अब समय आ चुका था पारिवारिक धारावाहिकों का... आपको हम लोग और नुक्कड़ जैसे धारावाहिकों की याद तो होगा ही... कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि 'हमलोग’ जैसा शो टीवी के परदे पर न कभी हुआ, न कभी आगे होगा... उस जैसा कुछ नहीं हो सकता... उस समय दूरदर्शन का एक ही उद्देश्य था लोगों को शिक्षित करना और उन्हे पारिवारिक संस्कार और संस्कृति की सीख देना... समय बदला, सोच बदली और धारावाहिकों को देखने वालों का दिमाग बदला... आज के लोग पहले से ज्यादा खुले विचारों के हैं और खुलेपन में भरोसा रखते हैं चाहे वो रिश्तों का खुलापन हो या फिर व्यवहार का... लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि लोगों को अश्लीललता से प्रेम हो गया है... दरअसल आज के समय में धारावाहिक बनाने वाले लोगों का ईमान और धर्म सिर्फ एक ही है और वो है पैसा... पहले टीआरपी की बात नहीं थी लेकिन अब इंडस्ट्री में पे पुशस आ गए हैं और उनका मकसद सिर्फ पैसे कमाना है... समय थोडा़ और बदला अब धीरे-धीरे पारिवारिक सीरियल्स से अगल हटकर रियलिटी शोज् जगह बनाने लगे हैं... इस शो के साथ जितना विवाद जुड़ता जाता है उतनी ही शोज् की टीआरपी बढ़ती जा रही है... हाल ही में राखी सावंत के रियलिटी शो ने तो एक परेशान इंसान की जान ही ले ली... राखी सावंत वही शख्स हैं जिन्हे मीका मामले में खुद इंसाफ नहीं मिल सका वही आजकल दूसरों को इंसाफ देने की कोशिश कर रही हैं... ऐसा ही दूसरा रियलिटी शो है बिग बॉस जिसमें रहने वाले लोग किसी ना किसी समय विवादों से जुड़े रहे हैं... अब तो पामेला एंडरसन जैसी सेलीब्रेटी भी इस शो का हिस्सा बनते जा रहे हैं... कुछ ऐसी ही कहानी बिंदास पर आने वाले शो इमोशनल अत्याचार की है जिसमें कोई भी लड़का या लड़की अपने प्रेमी या फिर प्रेमिका का रियलिटी टेस्ट करवा सकता है और देख सकता है कि वो उनके पीछे क्या गुल खिलाता है... अब लोगों की निज़ी ज़िंदगी से हमारा क्या लेना-देना लेकिन सीरियल्स बनाने वाले ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि टीआरपी के लिए वो सबकुछ करना पड़ेगा जो ज़रूरी है... अब सवाल ये उठता है कि भारत के उन नेताओं को क्या हो गया है जो देश की संस्कृति को बचाने के लिए जान की बाजी लगा देने की बात करते हैं लेकिन बढ़ती अश्लीलता के खिलाफ कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं... अब ऐसे में कोई क्या करे, अपने बच्चों को टीवी देखने से रोके या फिर खुद ही ऐसे शोज बनाने वालों के खिलाफ सड़कों पर उतर आये... ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि इडियट बॉक्स कब तक लोगों को इडियट बनाता है...?
अभितोष सिंह
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