ये कपिल शर्मा कौन है ?
ना अच्छे कलाकार बन पाए ना अच्छे इंसान...
अपने शो में महिलाओं को तिरस्कृत कर देना... उनके शरीर का मज़ाक बना
देना... चेहरे, होंठ को लेकर कोई भी भद्दी टिप्पणी कर देना... और महिलाओं के भेष
में पुरुषों को उतारकर फिर से महिलाओं का मज़ाक उड़ाना... ये सबकुछ कपिल के लिए
मामूली सी बातें रहीं हैं... महज़ दस सालों के भीतर कपिल उस मुकाम तक पहुंच गए
जिसपर पहुंचने की कोशिश तमाम कॉमेडियन सालों-साल करते रहे... कपिल ऊंचाई पर
पहुंचते चले गए और उनकी भाषा का स्तर गिरता गया... कपिल का कद बढ़ा, लोकप्रियता
बढ़ी, भाव बढ़े लेकिन कपिल की सोच छोटी होती गई... कपिल की सोच का स्तर इतना गिर
गया कि वो एक पत्रकार को फोन पर धमकी देते-देते उसकी मां और बेटी के लिए यौन हिंसा
की बातें कहने लगे... महिलाओं के लिए किसी भी तरह की भद्दी
टिप्पणी भी यौन हिंसा मानी जाती है... ऐसे में कपिल को किसने हक दिया कि वो अपने
स्टारडम और शराब के नशे में धुत्त होकर किसी को भी कुछ भी कह दे... किसी के लिए
कोई भी टिप्पणी कर दे... खुद को खुदा से भी ऊपर मान लेना ही सबसे बड़ी इंसानी गलतफहमी
है... और कपिल भी इसी बीमारी का शिकार हो गए जिसका कोई ईलाज नहीं... भैय्या कपिल
अगर इतना परेशान हो तो दूसरों को क्यों परेशान कर रहे हो... भाई एक्टिंग नहीं आती
तो सीखो, दूसरों को नसीहतें देने से कुछ नहीं होगा... एक्टिंग की दुनिया में कदम
रखा है तो आलोचना के लिए तैयार रहो... आलोचना और शिकायत में फर्क करना सीखो...
कपिल शर्मा इस देश में आज भी कानून का राज है... आज भी न्यायपालिका पर लोगों का
भरोसा बना हुआ है... किसी महिला के लिए अपशब्द बोलना और यौन हिंसा की धमकी देना भी
अपराध की श्रेणी में आता है... कपिल कॉमेडी के राजा से तुम कब विवादों के रंक बन
गए तुम्हे पता ही नहीं चला... हकीकत है कि शोहरत जब किसी के सिर चढ़ जाती है तो
उसे वो बर्बाद करके छोड़ती है...

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